जानिए, किन देशों में बुर्का, नकाब, हिजाब पर लगा है प्रतिबंध और कहां पहनना है जरूरी
<p style="text-align: justify;"><em><strong>नई दिल्ली: ''सरकती जाए है रुख़ से नक़ाब आहिस्ता आहिस्ता , </strong></em><em><strong>निकलता आ रहा है आफ़्ताब आहिस्ता आहिस्ता'' </strong></em>शायर अमीर मीनाई ने कितनी आसानी से कह दिया कि रुख़ से नक़ाब सरक रहा है और ऐसा लग रहा है जैसे सूर्य उदय हो रहा हो. लेकिन शायरों की दुनिया
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