NRC मामला: वेंकैया नायडू ने कहा, राजीव गांधी के नाम को लेकर हंगामा ठीक नहीं
<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजन्स (एनआरसी) के मुद्दे पर आज भी राज्यसभा में हंगामा जारी रहा. हंगामे के बीच सभापति वेंकैया नायडू ने कहा कि राजीव गांधी का जो नाम आया था वो एक तथ्य से जोड़ कर पेश किया गया था. उसको लेकर हंगामा करना ठीक नहीं था अब इस मुद्दे को यहीं पर खत्म किया जा रहा है. आपको बता दें कि राज्यसभा में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने राजीव गांधी के नाम का जिक्र किया था.</p> <p style="text-align: justify;">बुधवार को इस मुद्दे पर राजनाथ सिंह ने जैसे ही बयान देना शुरू किया तो टीएमसी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया, जिसके बाद सदन की कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी. संभावना है कि आज राजनाथ सिंह आज बयान दे सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दिल्ली में विपक्ष के नेताओं से मिलीं ममता बनर्जी</strong> एनसीआर को लेकर चल रहे विवाद के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी समेत विपक्षी पार्टियों के कई अन्य नेताओं से मुलाकात की. उन्होंने असम में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) में 40 लाख लोगों के नाम नहीं होने पर भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि वे लोग आग से खेल रहे हैं और जिनके नाम एनआरसी में शामिल नहीं हैं, उनके खिलाफ शत्रुतापूर्ण शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हममें हिम्मत थी हमने करके दिखाया: अमित शाह</strong> एनसीआर विवाद पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने मंगलवार को राज्यसभा कहा, ''14 अगस्त 1985 को राजीव गांधी ने असम समझौते पर द्सतखत किए और 15 अगस्त 1985 को लाल किले से उन्होंने इसकी घोषणा की. इस असम समझौते की आत्मा ही एनआरसी थी. समझौते में कहा गया कि अवैध घुसपैठियों को पहचान कर हमारे सिटीजन रजिस्टर से अलग करके एक शुद्ध नेशनल सिटीजन रजिस्टर बनाया जाएगा. ये कदम आपके ही प्रधानमंत्री का उठाया हुआ है. इस पर अमल करने की हिम्मत आपमें नहीं थी लेकिम हममें हिम्मत है इसलए हम अमल करने के लिए निकले हैं." उन्होंने कहा कि एनआरसी सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर से बन रहा है. सभी लोग 40लाख-40 लाख चिल्ला रहे हैं लेकिन मैं पूछना चाहता हूं कि इसमें कितने बांग्लेदेशी घुसपैठिए हैं? किसे बचा रहे हैं आप?</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ड्राफ्ट का वोटर लिस्ट पर असर नहीं</strong> आम चुनावों के लिए चुनाव आयोग को 4 जनवरी 2019 तक अपनी वोटर लिस्ट तैयार करनी होगी और उसी लिस्ट के आधार पर तय होगा कि कौन सा मतदाता आगामी लोकसभा चुनावों के लिए मतदान कर सकेगा या नहीं. मुख्य चुनाव आयुक्त ने साफ किया एनआरसी की इस ड्राफ्ट रिपोर्ट का वोटर लिस्ट के ऊपर कोई असर नहीं पड़ेगा. अगर फाइनल रिपोर्ट भी आ जाती है और किसी का नाम एनआरसी में नहीं होता तब भी ऐसा नहीं है कि उस शख्स का नाम वोटर लिस्ट से यूं ही काट दिया जाएगा. उसके बाद भी चुनाव आयोग अपनी जांच करेगा कि क्या वाकई में वह शख्स देश का नागरिक है या नहीं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ड्राफ्ट के हिसाब से कार्रवाई नहीं होगी: सुप्रीम कोर्ट</strong> सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि NRC की ड्राफ्ट लिस्ट के आधार पर किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती. सुप्रीम कोर्ट ने कल कोई निर्देश नहीं दिया लेकिन कहा अभी आप पूरी तफसील के साथ क्लेम और रिजेक्शन को लेकर मानक कार्य प्रक्रिया तैयार करें. हम उसे अपनी मंज़ूरी देंगे. हम फिलहाल चुप रहेंगे. लेकिन इस चुप्पी का मतलब ये नहीं है कि हम आपकी स्कीम से सहमत हैं या असहमत.' सुप्रीम कोर्ट के सामने स्टेट कॉर्डिनेटर प्रतीक हजेला ने बताया कि लोगों को बताया जाएगा कि उनका नाम क्यों नहीं आया, साथ ही नागरिकता का दावा करने के लिए फॉर्म भी 7 अगस्त से मुहैया कराया जाएगा. ये भी बताया गया कि अभी NRC की फाइनल लिस्ट नहीं आई है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या कहता है एनआरसी का फाइनल ड्राफ्ट?</strong> असम में सोमवार को नेशनल रजिस्टर फॉर सिटीजन की दूसरी ड्राफ्ट लिस्ट का प्रकाशन कर दिया गया. जिसके मुताबिक कुल तीन करोड़ 29 लाख आवेदन में से दो करोड़ नवासी लाख लोगों को नागरिकता के योग्य पाया गया है, वहीं करीब चालीस लाख लोगों के नाम इससे बाहर रखे गए हैं. NRC का पहला मसौदा 1 जनवरी को जारी किया गया था, जिसमें 1.9 करोड़ लोगों के नाम थे. दूसरे ड्राफ्ट में पहली लिस्ट से भी काफी नाम हटाए गए हैं.</p> <p style="text-align: justify;">नए ड्राफ्ट में असम में बसे सभी भारतीय नागरिकों के नाम पते और फोटो हैं. इस ड्राफ्ट से असम में अवैध रूप से रह रहे लोगों को बारे में जानकारी मिल सकेगी. असम के असली नागरिकों की पहचान के लिए 24 मार्च 1971 की समय सीमा मानी गई है यानी इससे पहले से रहने वाले लोगों को भारतीय नागरिक माना गया है.</p>
from home https://ift.tt/2O2Pp4Q

0 Comments:
Post a Comment
Subscribe to Post Comments [Atom]
<< Home