Friday, 3 August 2018

नागरिकता देने से पहले एंटिगुआ ने मांगी थी मेहुल चोकसी की जानकारी, सरकार ने कुछ नहीं बताया

<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले के आरोपी मेहुल चोकसी को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है. एंटीगुआ सरकार ने कहा है कि 13000 करोड़ वाले पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के मुख्य आरोपी मेहुल को नागरिकता देने के पहले भारत सरकार से संपर्क साधा गया था. वहां की सरकार ने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय और आरपीओ ऑफिस से उसकी जानकारी मांगी थी. लेकिन दोनों ही जगहों से मेहुल के खिलाफ कोई जानकारी साझा नहीं की गई.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कड़ी पड़ताल के बाद मिली नागरिकता</strong> चोकसी ने नवंबर 2017 में एंटीगुआ की नागरिकता ली थी. एंटीगुआ और बारबूडा की इकाई ‘द सिटिजनशिप बाई इनवेस्टमेंट’ ने स्थानीय अखबारों में कहा कि चोकसी की नागरिकता के आवेदन को इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गनाइजेशन जैसी अच्छी साख वाली एजेंसियों के जरिए कड़ी पड़ताल और अंतरराष्ट्रीय जांच के बाद मंजूरी दी गई.</p> <p style="text-align: justify;">आपको बता दें कि एंटीगुआ और बारबूडा के ‘सिटिजनशिप बाई इनवेस्टमेंट प्रोग्राम’ के तहत कोई व्यक्ति एनडीएफ निवेश फंड में कम से कम एक लाख डॉलर निवेश कर पासपोर्ट हासिल कर सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एंटीगुआ में है चोकसी</strong> इसके पहले एंटीगुआ सरकार ने जानकारी दी है कि चोकसी उन्हीं के देश में है. 28 जुलाई को एंटीगुआ की सरकार ने सीबीआई को एक पत्र भेजा था जिसमें इस बात की पुष्ठि की गई थी कि चोकसी उन्हीं के देश में है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मांगी गई थी मौजूदा ठिकाने की जानकारी</strong> एंटीगुआ में चोकसी की उपस्थिति के बारे में खबरें आने के बाद सीबीआई ने वहां की अथॉरिटी से इस मामले में जानकारी मांगी थी. उसके बाद एंटीगुआ की एजेंसियों ने इसकी पुष्टि की कि चोकसी वहीं है. अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने पिछले सप्ताह एंटीगुआ अथॉरिटी को भेजे पत्र में भगोड़े कारोबारी के खिलाफ इंटरपोल के नोटिस और उसके मौजूदा ठिकाने के बारे में जानकारी मांगी.</p> <p style="text-align: justify;">अधिकारियों ने कहा कि पुष्टि के बाद एजेंसी विदेश मंत्रालय के जरिये चोकसी के प्रत्यर्पण का अनुरोध भेज सकती है. जांच एजेंसी ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ का इंतजार नहीं करेगी क्योंकि आवेदन अब भी इंटरपोल के पास लंबित है. वहीं सीबीआई का कहना है कि चोकसी के बारे में अंतरराष्ट्रीय एजेंसी इंटरपोल ने उससे कोई जानकारी नहीं ली. इंटरपोल के लिये सीबीआई भारत की नोडल एजेंसी है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जनवरी से भारत से फरार है चोकसी</strong> आपको ये भी बता दें कि चोकसी इसी साल जनवरी महीने के पहले सप्ताह में भारत से फरार हो गया था जिसके बाद वो अमेरिका चला गया. 8 जुलाई को मेहुल अमेरिका से भागकर एंटीगुआ चला गया. चोकसी पीएनबी घोटाले के एक और मुख्य आरोपी नीरव मोदी का मामा है. दोनों ने मिलकर पीएनबी को करोड़ों का चूना लगाया और लापता हो गए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>देखें वीडियो</strong></p> <code><iframe class="vidfyVideo" style="border: 0px;" src="https://ift.tt/2AyGYfy" width="631" height="381" scrolling="no"></iframe></code>

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