नौ महीने कोख में रखा, इस वादे के साथ कि 'उनसे' दोबारा कभी नहीं मिलूंगी
पूरे नौ महीने की प्रेगनेंसी और डिलीवरी के बाद मैं अस्पताल से निकलने वाली थी. खाली पेट और खाली हाथ. ये ठीक वैसा ही था मानो मैंने अपना बच्चा खो दिया हो. ताकत की दवाएं खातीं और दूध आना बंद करनी की. बाद के कई महीने तकलीफ में बीते. हर साल इसी रोज मैं उन जुड़वा बच्चों का जन्मदिन मनाती हूं, जिनकी मैं सरोगेट मदर थी.from Latest News लाइफ़ News18 हिंदी https://ift.tt/2GdzmNd
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